भारतीय संस्कृत और राष्ट्रवाद संकीर्ण नहीं इसका प्रमाण संसद भवन में अंकित सूक्तियां हैं

विश्व इतिहास में भारतीय संस्कृति का वही स्थान एवं महत्व है जो असंख्य द्वीपों के सम्मुख सूर्य का है." भारतीय...

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जब हम वसुधैवकुटुम्बकम कहते हैं तो भारतीयसंस्कृति की क्या भूमिका है?

वसुधैव कुटुम्बकम् सनातन धर्म का मूल संस्कार तथा विचारधारा हैजो महा उपनिषद सहित कई ग्रन्थों में लिपिबद्ध है। इसका अर्थ है- धरती ही परिवार...

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विश्वभर में सनातन धर्म का पालन किया गया: भारत शाश्वत ‘विश्वगुरु’ है, इसीलिए वसुधैव कुटुम्बकम

संस्कृतशब्दलिंगमकाअर्थहै 'चिन्ह' या 'प्रतीक'।तोशिवलिंगकाशाब्दिकअर्थ 'शिवकाचिन्ह' है।यहभगवानशिवकाप्रतीकात्मकरूपहै, बिनाआकारकीदिव्यता, ब्रह्मांडकास्रोत, अनंतजिसमेंसमयकेअंतमेंसबकुछविलीनहोजाताहै। संस्कृत में लिंगा शब्द का एक अर्थ प्रतीक है। इस प्रकार शिवलिंग ईश्वर...

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वीर सावरकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रतीक vs नेहरू का वंशवाद

सावरकर सचमुच सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के व्याख्याकार थे। भारत में स्वदेशी आंदोलन की नींव सावरकर ने ही रखी। देश में स्वदेशी...

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कांग्रेस ने राम के अस्तित्व को नकारा अब कमलनाथ ने हनुमान मंदिर केक काटा

नेहरू और  'दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को छुआछूत जैसा समझा, और राजनितिक मानचित्र में हाशिये परजाते जारही हैं...

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डॉ वाल्टर एंडरसन: गांधी और उपाध्याय जी के विचारों में समानता

अमेरिकी विद्वान डॉ वाल्टर एंडरसन वर्तमान में जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज के प्रमुख हैं और...

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